“मोर दुआर–साय सरकार महाअभियान”हर पात्र को घर की नई उम्मीद

हर पात्र को घर: मोर दुआर–साय सरकार महाअभियान से ग्रामीणों को मिल रही नई उम्मीद
बलरामपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार “मोर दुआर–साय सरकार महाअभियान” के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे पात्र परिवारों को पक्का मकान देने के लिए विशेष अभियान चला रही है, जिन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ नहीं मिल पाया है।
इस उद्देश्य से 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक विशेष आवास सर्वेक्षण पखवाड़ा आयोजित किया गया है, जिसके अंतर्गत जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें आवास प्लस 2.0 के तहत योजना से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

मंत्री नेताम ने किया जमीनी समीक्षा
अभियान के तहत आदिम जाति विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महराजगंज, पचावल, जाबर तथा रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत तेतरडीह का दौरा किया। उन्होंने विशेष चौपाल में भाग लेकर आमजन से सीधा संवाद किया और क्षेत्र में चल रहे सर्वेक्षण की वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
मंत्री नेताम ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना से वंचित न रहे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अब आवास प्लस 2.0 के माध्यम से न केवल अधिकारियों द्वारा सर्वे किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राही स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

चौपाल में सुनी समस्याएं, दिए समाधान के आश्वासन
चौपाल में मंत्री नेताम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इस विशेष पखवाड़ा अभियान से सरकार, जनप्रतिनिधि और प्रशासन आम जनता से सीधे जुड़कर उनकी वास्तविक जरूरतों को समझ रहे हैं। यह जनभागीदारी शासन की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को दर्शाती है।
सुशासन तिहार में मिला नया संदेश
तेतरडीह में आयोजित “सुशासन तिहार” कार्यक्रम में मंत्री नेताम ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक जरूरतमंद को घर मिले, हर महिला को आर्थिक सहायता पहुंचे, और हर किसान को बाजार तथा तकनीक का सहयोग मिले।
उन्होंने महतारी वंदन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत महिलाओं के खाते में समय से राशि भेजी जा रही है, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही उन्होंने मिलेट्स (कोदो, कुटकी) जैसे पोषक अनाजों की खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया और कहा कि राज्य सरकार इनके लिए खरीद व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगी।
तीन चरणों में चल रहा सर्वे कार्य
यह विशेष सर्वेक्षण तीन चरणों में संचालित हो रहा है:
1. प्रथम चरण (15–19 अप्रैल): जिला और विकासखंड स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान और सर्वेक्षण।
2. द्वितीय चरण (20–28 अप्रैल): ग्राम नोडल अधिकारी और सर्वेक्षकों द्वारा गांवों में बैठकें आयोजित कर घर-घर जाकर विस्तृत सर्वे। ग्राम सभा में सभी विवरणों का वाचन।
3. तृतीय चरण (29–30 अप्रैल): सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर संबंधित ग्राम पंचायत सरपंच और सर्वेक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र तैयार कर जिला कार्यालय भेजा जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान
सर्वेक्षण कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पंचायत एम्बेसडर, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवियों और सामाजिक संगठनों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान आयोजित की गई विभिन्न जनजागरूकता प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
अब तक 39,506 परिवारों का हुआ सर्वे
अभी तक बलरामपुर जिले में कुल 39,506 परिवारों का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। यह आंकड़ा प्रशासन की तत्परता और अभियान की गंभीरता को दर्शाता है।
निष्कर्ष:
“मोर दुआर–साय सरकार महाअभियान” न केवल आवास उपलब्ध कराने का माध्यम है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है। यह पहल शासन को ज़मीनी स्तर पर पहुँचाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।



