फर्जी केसीसी ऋण और धान भुगतान को लेकर किसानों का अल्टीमेटम, 16 जून के बाद आंदोलन की चेतावनी

रामानुजगंज। धान खरीदी वर्ष 2025-26 की राशि भुगतान एवं के नाम पर दर्ज कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्रकरण को समाप्त करने मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने 16 जून तक मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन एवं अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

किसानों का आरोप है कि उनकी धान बिक्री की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की रामानुजगंज एवं रामचंद्रपुर शाखाओं में जमा है, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा उनके नाम पर केसीसी ऋण बकाया दर्शाकर खातों को होल्ड कर भुगतान रोक दिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों द्वारा किसानों को लिखित प्रमाण पत्र दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि उन्हें समिति से किसी प्रकार का नगद अथवा वस्तु ऋण प्रदान नहीं किया गया है। इसके बावजूद बैंक रिकॉर्ड में उनके नाम पर केसीसी ऋण दर्ज है।

किसानों ने आरोप लगाया है कि बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना किसानों की जानकारी के उनके नाम पर केसीसी ऋण स्वीकृत कर राशि का आहरण कर लिया गया। किसानों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित किसानों ने मांग की है कि धान बिक्री वर्ष 2025-26 की लंबित राशि का तत्काल भुगतान किया जाए तथा कथित फर्जी केसीसी ऋण प्रकरण को समाप्त कर किसानों को राहत प्रदान की जाए।
किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर 16 जून तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। किसानों ने कहा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था अथवा अन्य किसी भी प्रकार की परिस्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


