10 हजार किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले राजा बाबू पहुंचे रामानुजगंज, प्रेम और भाईचारे का दे रहे संदेश

रामानुजगंज। बिहार के साहिबगंज जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र निवासी 35 वर्षीय राजा बाबू देशभर में प्रेम, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश लेकर 10 हजार किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले हैं। उन्होंने 6 जून से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। लगातार 28 दिनों तक पैदल चलने के बाद शनिवार को वे रामानुजगंज पहुंचे, जहां स्थानीय नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राजा बाबू ने बताया कि उनकी पदयात्रा देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज में बढ़ती दूरियों को कम करना, लोगों के बीच प्रेम, सामाजिक एकता और मानव सेवा की भावना को मजबूत करना तथा आपसी सहयोग और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

रामानुजगंज पहुंचने पर नगरवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पदयात्रा के दौरान उनके जूते फट जाने की जानकारी मिलने पर जूता व्यवसायी उमेश कश्यप ने उन्हें नए जूते भेंट किए। वहीं समाजसेवी संतोष गुप्ता ने उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था कर अतिथि सत्कार का परिचय दिया।
इस अवसर पर शैलेश गुप्ता, लक्ष्मी सोनी, वेद प्रकाश तिवारी, बिट्टू कश्यप, पियूष गुप्ता, इम्तियाज अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने राजा बाबू का स्वागत करते हुए उनकी पदयात्रा की सफलता की कामना की।

उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश देने वाली ऐसी यात्राएं समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती हैं। उल्लेखनीय है कि राजा बाबू इससे पहले भी कई पदयात्राएं कर चुके हैं और उन्हें विभिन्न अवसरों पर विदेशों में भी सम्मानित किया जा चुका है।



