स्थापना दिवस पर पटवारियों का प्रदर्शन, निलंबन के विरोध में जलाई आदेश की प्रतियां,शिक्षक संगठन ने दिया समर्थन
बलरामपुर में पटवारियों का आंदोलन जारी, निलंबन आदेश की प्रतियां जलाकर जताया विरोध, शिक्षक संगठन ने दिया समर्थन

बलरामपुर में पटवारियों का आंदोलन जारी, निलंबन आदेश की प्रतियां जलाकर जताया विरोध, शिक्षक संगठन ने दिया समर्थन
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जहां पूरा प्रदेश उत्साह और धूमधाम के साथ स्थापना दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी ओर बलरामपुर जिले में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारी निलंबन की कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पटवारियों ने निलंबन आदेश की प्रतियां जलाकर शासन और जिला प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। हड़ताल के कारण धान गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाद से ही शासन और जिला प्रशासन की ओर से पटवारियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है।
इसी बीच बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में पांच पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं रामानुजगंज क्षेत्र से भी तीन पटवारियों के निलंबन की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा जिले के अन्य विकासखंडों में भी कुछ पटवारियों पर निलंबन की कार्रवाई किए जाने की सूचना मिल रही है।
निलंबन की कार्रवाई से पटवारी संघ में नाराजगी है। पटवारियों का कहना है कि एक तरफ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारियों और उनके परिवारों को निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

पटवारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस मनाने का जितना अधिकार प्रदेश के अन्य नागरिकों को है, उतना ही अधिकार उन्हें भी है। वे भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं और प्रदेश के विकास में अपनी सेवाएं देते आए हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय निलंबन की कार्रवाई किया जाना उनके परिवारों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
शिक्षक संगठन ने दिया पटवारी संघ को समर्थन
इस पूरे मामले में जिला शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष ने राजस्व पटवारी संघ की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि पटवारी भी शासकीय कर्मचारी हैं और उनकी समस्याओं एवं मांगों को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने अपने प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी से भी आने वाले समय में पटवारी संघ के आंदोलन को प्रदेश स्तर पर समर्थन देने का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने पटवारी संघ को आश्वस्त किया कि जब भी उन्हें संगठन के सहयोग की आवश्यकता होगी, शिक्षक संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पटवारियों की जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शिक्षक संगठन उनका समर्थन करता रहेगा। जरूरत पड़ने पर शिक्षक संगठन भी पटवारियों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन में शामिल होगा।

फिलहाल बलरामपुर जिले में पटवारियों का आंदोलन लगातार जारी है। एक तरफ प्रशासन राजस्व कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दबाव बना रहा है, तो दूसरी तरफ पटवारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि शासन और पटवारी संघ के बीच जारी यह गतिरोध कब समाप्त होता है और क्या सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल करती है।



