शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: दूसरे विभागों में अटैच 176 अधिकारी-कर्मचारी कार्यमुक्त, मूल पदस्थापना पर लौटेंगे

मूल पदस्थापना पर लौटेंगे 176 अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षा विभाग ने जारी किए कार्यमुक्ति आदेशरामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी,
बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत अन्य विभागों में अटैच होकर कार्यरत 176 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना संस्थानों में लौटने के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन, अटल नगर के 25 जून 2026 के निर्देशों के पालन में की गई है।जारी आदेश के अनुसार अब सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना वाली संस्था/कार्यालय में ही वीएसके (VSK)/आधार बेस ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करेंगे। साथ ही जुलाई 2026 का वेतन भी मूल पदस्थ संस्था में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही आहरित किया जाएगा।
जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा जारी आदेशों में 24 व्याख्याता, प्रधान पाठक एवं शिक्षक, 56 सहायक ग्रेड-2 एवं सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी तथा 96 भृत्य को उनके मूल पदस्थ संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। ये सभी विभिन्न विभागों में अटैच होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे।शिक्षा विभाग में लंबे समय से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अन्य विभागों में अटैच रहने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि कई कर्मचारी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच के कारण वर्षों से मूल पदस्थापना से बाहर कार्यरत थे। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक आदेश में ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया गया है।जिले के कई स्कूलों में भृत्यों की कमी के कारण विद्यार्थियों से झाड़ू लगवाने जैसी खबरें समय-समय पर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में सामने आती रही हैं। बड़ी संख्या में भृत्यों की मूल स्कूलों में वापसी से अब विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को स्कूलों में मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और शासन के मूल पदस्थापना संबंधी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

