छत्तीसगढ़मनेन्द्रगढ़

बुलडोजर कार्रवाई पर कांग्रेस प्रवक्ता पूनम सिंह का तीखा प्रहार: ‘नाकामी छुपाने के लिए सरकार का विध्वंसकारी चेहरा, बलात्कारियों को फांसी हो, लेकिन बुलडोजर का तमाशा बंद करे सरकार

​मनेंद्रगढ़ । नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी के घर पर चलाए गए बुलडोजर को कांग्रेस प्रवक्ता पूनम सिंह ने सरकार की प्रशासनिक विफलता का ‘कवर-अप’ करार दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है और अब अपनी इस कमजोरी को छिपाने के लिए संविधानेत्तर उपायों और बुलडोजर का सहारा लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है।

​अपराध रोकने में अक्षम है प्रशासन

​कांग्रेस प्रवक्ता पूनम सिंह ने प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में महिलाएं असुरक्षित हो गई हैं और प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 8 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं।
​लूट, हत्या, और चाकूबाजी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं, जिसे रोक पाने में गृह विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं।
​सरकार कभी पुलिस प्रणाली में बदलाव (कमिश्नरी सिस्टम) का झुनझुना दिखाती है, तो कभी बुलडोजर चलाकर असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाती है।
​फास्ट ट्रैक कोर्ट और फांसी की मांग
​पूनम सिंह ने जघन्य अपराधों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले दुर्दांत अपराधी के प्रति कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर तत्काल फांसी की सजा दी जानी चाहिए ताकि समाज में कानून का खौफ पैदा हो। लेकिन सजा देने का काम अदालत का है, प्रशासन का नहीं।

​पूनम सिंह के सरकार से सीधे सवाल

​प्रवक्ता ने बुलडोजर कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा:
​अवैध निर्माण का इंतजार क्यों? यदि आरोपी का मकान अवैध था, तो प्रशासन किसी जघन्य अपराध के होने का इंतजार क्यों कर रहा था? क्या पहले उसे संरक्षण प्राप्त था?
​सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना: माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि बुलडोजर ‘न्याय’ नहीं बल्कि ‘विध्वंस’ का प्रतीक है। क्या कार्रवाई से पहले 15 दिन का नोटिस और पक्ष रखने का मौका दिया गया?
​पूरे परिवार को दंड क्यों? क्या सरकार को यह अधिकार है कि एक व्यक्ति के गुनाह के लिए उसके पूरे निर्दोष परिवार को बेघर कर सामूहिक रूप से दंडित करे?

​विध्वंस न्याय नहीं है

​पूनम सिंह ने अंत में कहा कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई और दुष्कर्म की सजा, ये दोनों बिल्कुल अलग मामले हैं। इन दोनों को जोड़कर ‘मैसेज’ देने की कोशिश केवल शासन की अक्षमता को छुपाने का कुत्सित प्रयास है। सरकार को बुलडोजर की राजनीति छोड़कर बेटियों को असल सुरक्षा देने पर ध्यान देना चाहिए।

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