री-एडमिशन के नाम पर फीस वसूली गैरकानूनी,जिले के प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच, नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

री-एडमिशन के नाम पर फीस वसूली गैरकानूनी
जिले के प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच, नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
बलरामपुर। जिले में नए शिक्षण सत्र 2026-27 के शुरू होने से पहले ही जिले के कई निजी विद्यालयों में प्रवेश शुल्क वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले में संचालित कुछ प्राइवेट स्कूल पहले से पढ़ रहे छात्रों को अगली कक्षा में भेजने के लिए भी री-एडमिशन के नाम पर फीस ले रहे हैं।
अभिभावकों का कहना है कि एक बार किसी स्कूल में दाखिला होने के बाद हर साल दोबारा प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बावजूद कई निजी स्कूल हर साल 500 से 2000 रुपये तक की राशि अलग-अलग नामों से वसूल रहे हैं।
इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि सीजी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड से संचालित विद्यालय अभिभावकों को कॉपी, किताब या यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान या स्कूल से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। यदि इस प्रकार की व्यवस्था कहीं लागू है तो यह पूरी तरह गैरकानूनी है।
उन्होंने कहा कि री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जा सकती। शिक्षा विभाग सोमवार से जिले के सभी निजी विद्यालयों की जांच करेगा।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी कि जांच के दौरान यदि कहीं भी इस तरह की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि री-एडमिशन के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क लेना नियमों के विरुद्ध है।



