“क्या यही है सुशासन? रामानुजगंज में PWD अधिकारी की बदसलूकी कैमरे में कैद”

“अधिकारियों का बदसलूकी भरा रवैया बना सुशासन तिहार पर सवाल, रामानुजगंज में पत्रकारों से भिड़े PWD अधिकारी”
रामानुजगंज/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ सरकार जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरे राज्य में सुशासन तिहार मना रही है, वहीं रामानुजगंज के PWD संभाग-2 के EE( मोहन राम भगत)जो अधिकारी का व्यवहार इन प्रयासों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।
मामला रामानुजगंज के रिंग रोड में बन रही नाली की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया से जुड़ा है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा जब इस निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो PI (अनुविभागीय अभियंता) मानसी ने जवाब देने के बजाय वहाँ से भागने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे पत्रकारों से वे भिड़ गईं और मोबाइल को छीनने का प्रयास किया।
इस अभद्र व्यवहार ने न सिर्फ पत्रकारों की स्वतंत्रता और जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि “सुशासन” के मूलभाव को भी अपमानित किया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “जब पत्रकारों को ही धमकाया जा रहा है, तो आम जनता को कैसे न्याय मिलेगा?”
मांग उठ रही है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल जांच शुरू की जाए और उन्हें निलंबित किया जाए, ताकि शासन की विश्वसनीयता बनी रहे और “सुशासन तिहार” सिर्फ एक दिखावा न लगे।




