मनेन्द्रगढ़: पोल्ट्री फर्मो से दुर्गंध,फसल नुकसान मामला, सरपंच बोले—सुधार नहीं हुआ तो करेंगे एसडीएम कार्यालय का घेराव, धनराशि उगाही की बात बेबुनियाद, कोतवाली में करेंगे शिकायत…

मनेन्द्रगढ़। नेशनल हाईवे-43 के किनारे संचालित गायकवाड़ प्राइवेट पोल्ट्री फार्म से फैल रही दुर्गंध और कथित प्रदूषण को लेकर ग्राम पंचायत डंगौरा के सरपंच धर्मपाल सिंह टेकाम ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। सरपंच द्वारा पूर्व में कलेक्टर, जिला एमसीबी को शिकायत पत्र सौंपकर पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध, अपशिष्ट के उचित निस्तारण की कमी और इससे आम नागरिकों तथा किसानों को हो रही परेशानियों की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत में बताया गया था कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले नागरिकों, राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अपशिष्ट के उचित तरीके से निस्तारण नहीं होने के कारण वातावरण प्रभावित होने तथा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायत भी सामने आई थी। ग्राम बिछीपारा में संचालित एक अन्य पोल्ट्री फार्म से भी दुर्गंध एवं प्रदूषण संबंधी शिकायतों का उल्लेख किया गया था।
शिकायत के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पोल्ट्री फार्म की जांच की गई। जांच के दौरान फार्म से संबंधित कमियां पाए जाने के बाद संचालक को 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरपंच धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन की जांच और सुधार के निर्देश से स्पष्ट है कि शिकायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को परेशान करना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही जनहित की समस्या का समाधान कराना था।
सरपंच ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा शिकायत किए जाने के बाद पोल्ट्री फार्म संचालक की ओर से लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ पैसे की मांग करने जैसी बातें प्रचारित की जा रही हैं। धर्मपाल सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह असत्य और निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते ग्राम पंचायत क्षेत्र की जनता की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना उनका दायित्व है। जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीणों की सुविधा से जुड़े मुद्दों को वे भविष्य में भी तथ्यों के आधार पर प्रशासन के सामने उठाते रहेंगे।
धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा निर्धारित 15 दिनों की समय सीमा में पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ एसडीएम कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।



