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शिक्षक साझा मंच की चार सूत्रीय मांगों को लेकर रामानुजगंज में सौंपा गया ज्ञापन,  शिक्षक हुए शामिल

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

रामानुजगंज/रामचंद्रपुर।
शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ की प्रांतीय इकाई के आह्वान पर विकासखंड रामचंद्रपुर के शिक्षकों ने मंगलवार को एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी रामानुजगंज के माध्यम से मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को चार सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक संचालक  राजेश्वर कुशवाहा एवं  प्रदीप चौबे ने किया।

ज्ञापन में शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि राज्य के समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग को भी वही लाभ दिया जाए जो उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार  सोना साहू को मिला है।



चार सूत्रीय मांगें इस प्रकार रहीं:

1. एलबी शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान एवं एरियर्स का लाभ:
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की डबल बेंच ने WA 261/2023 के तहत 28 फरवरी 2024 को जो निर्णय दिया, उसके अनुसार श्रीमती सोना साहू (शिक्षक पंचायत/एलबी) को उनकी पूर्व पंचायत एवं शिक्षा विभाग की सेवा अवधि को मान्यता देते हुए क्रमोन्नत वेतनमान एवं एरियर्स का भुगतान किया गया।
शिक्षकों ने मांग की कि इस निर्णय को आधार बनाकर प्रदेश के समस्त पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को भी समान लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार द्वारा जनरल ऑर्डर जारी किया जाए, जिससे सभी पात्र शिक्षकों को उनके अधिकार का लाभ मिल सके।

2. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना और पेंशन लाभ:
एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का पूरा हक मिल सके। वर्तमान में इस संवर्ग के शिक्षकों को पूर्व सेवा को नजरअंदाज करते हुए कई लाभों से वंचित रखा जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है।

3. पदोन्नति में बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग:
शिक्षकों ने पदोन्नति में बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता को शिथिल करने की मांग की है। पूर्व में शिक्षक से व्याख्याता और व्याख्याता से प्राचार्य की पदोन्नति में बीएड अनिवार्य नहीं था। वर्तमान नियमों के कारण बड़ी संख्या में योग्य शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं।
साथ ही प्राचार्य के 10% पदों पर सीधी भर्ती के बजाय विभागीय परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति देने की मांग की गई, जिससे योग्य शिक्षकों को समय पर अवसर मिल सके।

4. दोषपूर्ण युक्तियुक्तकरण आदेश को निरस्त करने की मांग:
शिक्षकों ने 2 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तकरण आदेश को गंभीर विसंगतियों से युक्त बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि यह आदेश न केवल स्कूलों की कार्यप्रणाली को बाधित कर रहा है, बल्कि शिक्षकों में भारी असंतोष का कारण बन रहा है।
शिक्षकों ने आग्रह किया कि 2008 के सेटअप के अनुसार युक्तियुक्तकरण किया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही से यह गड़बड़ी हुई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

बड़ी संख्या में शिक्षकों की सहभागिता

ज्ञापन सौंपने के दौरान विकासखंड रामचंद्रपुर के शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें रमन गुप्ता (आईटी सेल प्रमुख), सूचित गुप्ता, रमेश मिश्रा, अरुण बर्मन, सुशील तिवारी, वीरेंद्र कुशवाहा, जय चौबे, प्रमोद मेहता, कुंदन दुबे, सुनील ठाकुर, गिरधारी दास बैरागी सहित कई वरिष्ठ शिक्षक साथी प्रमुख रूप से शामिल थे।

शिक्षक प्रतिनिधियों ने बताया कि अगर सरकार द्वारा जल्द से जल्द इन मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती, तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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