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राजपुर में प्रशासनिक लापरवाही पर भड़कीं विधायक, एसडीएम को हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

राजपुर में प्रशासनिक लापरवाही पर भड़कीं विधायक, एसडीएम को हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम


राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर में गुरुवार को शासकीय नवीन महाविद्यालय में आयोजित सीसी सड़क और नाली निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर खुलकर नाराज हो गईं और मंच से ही कड़ी फटकार लगाई।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान जब विधायक को पता चला कि राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर एसडीएम और तहसील कार्यालय स्थित है, इसके बावजूद अधिकारियों का अनुपस्थित रहना बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया है।


विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकारी इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं, फिर भी उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने का समय नहीं मिला। उन्होंने इसे जनता के प्रति लापरवाही बताते हुए स्पष्ट कहा कि इस तरह का रवैया किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


तहसील कार्यालय पहुंची विधायक
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विधायक सीधे राजपुर तहसील कार्यालय पहुंचीं। वहां एसडीएम और तहसीलदार मौजूद मिले। विधायक ने दोनों अधिकारियों से कार्यक्रम में नहीं आने का कारण पूछा। अधिकारियों ने जवाब दिया कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी। इस पर विधायक ने इस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताया और नाराजगी जताई।
इसी दौरान क्षेत्र में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी भी साफ नजर आई। विधायक ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी समन्वय से काम नहीं करेंगे, तो विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाएगा।


वहीं, सूत्रों के अनुसार अधिकारियों का रुख भी सख्त बताया जा रहा है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से यह कहा गया कि कार्यक्रमों में शामिल होना उनके विवेक और अधिकार क्षेत्र का विषय है—“आना होगा तो आएंगे, नहीं तो नहीं आएंगे।” इस कथित बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।


कलेक्टर से फोन पर की सख्त बात
मौके पर ही विधायक ने बलरामपुर कलेक्टर को फोन लगाया और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर से स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजपुर एसडीएम को तत्काल हटाया जाए। विधायक ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगी।


“मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी”
विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जनप्रतिनिधियों और जनता की बातों को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें उस क्षेत्र में काम करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।


स्थानीय स्तर पर बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजपुर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां समर्थकों में विधायक के रुख को लेकर चर्चा है, वहीं प्रशासनिक अमले में भी इस मामले को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में 24 घंटे के भीतर कोई निर्णय लिया जाता है।

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