गरियाबंदछत्तीसगढ़जसपुरजांजगीर चांपाटेक्नोलॉजीदिल्लीदुर्गदेशप्रतापपुरबलरामपुरबलौदा बाजारबस्तरबिलासपुरभरतपुर सोनहतभाजपाभारतमनेन्द्रगढ़महासमुंदमहेंद्रगढ़मुंबईरंकाराजपुरराज्यसभारामचंद्रपुररामानुजगंजरायगढ़रायपुररायपुरवीजापुरसरगुजासामरीसुरजपुर

‘सशक्त बेटियाँ, अनुशासित युवा’ — रामानुजगंज में आत्मरक्षा शिविर से नई ऊर्जा

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

राज्य स्तरीय कुडो आत्मरक्षा शिविर का शुभारंभ — युवाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास और अनुशासन का संचार

बलरामपुर। आत्मरक्षा, नशा मुक्ति और जनजागरूकता का संदेश लेकर राज्य स्तरीय आवासीय कुडो आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ रामानुजगंज स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मांगलिक भवन में बड़े उत्साह के साथ हुआ। यह शिविर 5 नवम्बर तक चलेगा, जिसमें प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से आए युवा और बालिकाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

  प्रशासन और कुडो एसोसिएशन की संयुक्त पहल

इस शिविर का आयोजन जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग बलरामपुर के मार्गदर्शन में, तथा डिस्ट्रिक्ट कुडो एसोसिएशन बलरामपुर के तत्वावधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन शर्मिला गुप्ता, चेयरमैन डिस्ट्रिक्ट कुडो एसोसिएशन एवं अध्यक्ष महिला एवं बाल विकास समिति, द्वारा किया जा रहा है।



आयोजन समिति में विकास दोहरे (अध्यक्ष), रवि पाण्डेय (सचिव), सीता रजक, रोशन लाठिया, विनय दोहरे, नंदनी ठाकुर, गीता दोहरे, अमन गुप्ता, दिलीप गुप्ता, श्रवण, सुमित, प्रदीप, संदीप, सरोज, अमृता और रविशंकर सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

          गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

शिविर के शुभारंभ अवसर पर कन्हैया लाल अग्रवाल, अरुण केसरी, विकास गुप्ता, पवन गुप्ता और संजय गुप्ता सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।



अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण न केवल युवतियों को आत्मविश्वास और साहस प्रदान करता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन, संयम और नेतृत्व की भावना भी विकसित करता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आज के दौर में अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि आत्मरक्षा के साथ-साथ यह समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी जगाते हैं।

प्रतिदिन नशा मुक्ति और जनजागरूकता अभियान से होगी शुरुआत

आयोजन समिति के अध्यक्ष विकास दोहरे ने जानकारी दी कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्ति, कौशल विकास, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान और जनजागरूकता रैली से की जाएगी।
इसके बाद दिनभर आत्मरक्षा की विभिन्न विधाओं और मार्शल आर्ट प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया जाएगा, जो शाम 8 बजे तक चलेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षुओं को कुडो की बुनियादी तकनीकों के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता, शारीरिक संतुलन और आत्मविश्वास विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।


सामाजिक उत्तरदायित्व और स्वावलंबन पर विशेष बल

शिविर के दौरान प्रतिभागियों को सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वावलंबन और सकारात्मक सोच की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशिक्षकों का कहना है कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक कला नहीं, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता और आत्म-सम्मान का भी प्रशिक्षण है।
इस पहल से युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे स्वयं के साथ-साथ समाज के प्रति भी सजग और जिम्मेदार बनें।


    युवा ऊर्जा और सामाजिक जागरूकता का संगम

रामानुजगंज में चल रहा यह राज्य स्तरीय शिविर अब एक ऐसा मंच बन गया है जहाँ युवा ऊर्जा, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक चेतना का संगम दिखाई दे रहा है।
प्रतिभागियों में आत्मरक्षा सीखने का जोश तो है ही, साथ ही वे नशा मुक्ति, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं।
 
             प्रदेश के लिए एक सशक्त कदम

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि इस प्रकार के शिविर न केवल आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते हैं, बल्कि यह प्रदेश के सामाजिक विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त पहल हैं।
युवा और बालिकाओं के मन में आत्मविश्वास का यह संचार आने वाले समय में समाज को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाएगा।

सिविल संचल में भी सभी मुख्य अतिथियों और प्रतिभागियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे यह आयोजन और अधिक प्रभावशाली बन सके।

(रामानुजगंज में आयोजित यह कुडो आत्मरक्षा शिविर सिर्फ खेल प्रशिक्षण का मंच नहीं है — यह युवा शक्ति, सामाजिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में बढ़ता कदम है।
इस पहल से न केवल प्रतिभागियों में आत्मरक्षा की भावना जागी है, बल्कि उनमें अपने समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की नई चेतना भी पनपी है।)

Related Articles

Back to top button