NH 343 के गड्ढों में समाई जिंदगी, दोपहिया चालक की मौत

बलरामपुर ब्रेकिंग न्यूज
NH 343 की बदहाल सड़क बनी काल — दोपहिया चालक की दर्दनाक मौत
बलरामपुर, छत्तीसगढ़
नेशनल हाईवे 343 (NH 343) की बदतर हालत ने शनिवार को एक और जिंदगी छीन ली। रामानुजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत चोरपहरी मोड़ के पास एक युवक की सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की वजह वही पुरानी—सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे, लापरवाही, और प्रशासन की खामोशी।
घटनाक्रम
मृतक युवक दोपहिया वाहन से अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। जैसे ही वह चोरपहरी मोड़ के पास पहुंचा, सड़क पर बने गहरे गड्ढों में उसका वाहन असंतुलित हो गया। तेज गिरावट और सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की कार्यवाही
रामानुजगंज पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा शुरू कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में युवक की पहचान गणेश मोड़ चौकी क्षेत्र निवासी के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित किया गया है।

स्थानीय आक्रोश और सवाल
घटना के बाद इलाके में रोष का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि NH 343 की हालत पिछले कई महीनों से बदतर बनी हुई है, लेकिन न तो पीडब्ल्यूडी विभाग और न ही एनएचएआई ने कोई कार्रवाई की।
एक स्थानीय दुकानदार ने बताया:
“हर दिन लोग गिरते हैं, वाहन खराब होते हैं, पर अब तो जान जाने लगी है। कब जागेगा प्रशासन?”
NH 343 – एक मौत का रास्ता?
यह पहला मामला नहीं है। बीते एक साल में NH 343 पर खराब सड़क के कारण कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। यह हाईवे झारखंड सीमा से अंबिकापुर को जोड़ता है और भारी वाहनों की आवाजाही से यहां की सड़कें पहले ही टूट चुकी हैं। उचित मरम्मत के अभाव में हालात अब जानलेवा हो गए हैं।
प्रशासन मौन, जिम्मेदारी तय नहीं
अब तक किसी भी अधिकारी ने इस हादसे पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। न ही किसी के खिलाफ लापरवाही की जांच शुरू की गई है। सवाल उठता है—
क्या हर बार मौत के बाद ही सड़कों की मरम्मत होगी?
जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही कब तय होगी?



