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अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में बेकाबू भीड़, राजस्व अधिकारी तीन घंटे घिरे; पुलिस पर गंभीर सवाल

रामचन्द्रपुर: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में बेकाबू भीड़, राजस्व अधिकारी घिरे; पुलिस की निष्क्रियता पर तीखे सवाल

रामचन्द्रपुर, 10 दिसंबर 2025।
छात्रावास की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मंगलवार को गंभीर तनाव में बदल गई, जब बढ़ती भीड़ ने राजस्व अधिकारियों को तीन घंटे तक घेरकर रखा और कई बार हमला करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लगभग 100 पुलिसकर्मियों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई। राजस्व विभाग ने पुलिस पर लापरवाही और स्थिति को संभालने में असफल रहने के आरोप लगाए हैं।

न्यायालय के आदेश पर पहुँची थी टीम

न्यायालय के निर्देश के बाद तहसील रामचन्द्रपुर स्थित छात्रावास भूमि पर बने कुल 9 अवैध निर्माणों को हटाने के लिए तहसीलदार रामानुजगंज, तहसीलदार रामचन्द्रपुर, नायब तहसीलदार और पटवारियों की संयुक्त टीम मंगलवार सुबह पहुँची। कब्जाधारियों को कई बार बेदखली वारंट और सूचना दी जा चुकी थी।



पुलिस की तरफ से SDOP रामानुजगंज और थाना प्रभारी रामचन्द्रपुर के नेतृत्व में लगभग 100 जवान शांति व्यवस्था के लिए तैनात थे।

स्थल पर बढ़ती भीड़, पुलिस को बार-बार दी गई सूचना

टीम के पहुँचते ही कब्जाधारियों ने अपने घरों से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया। दो मकानों को जब JCB से गिराया गया और बाकी के लिए तैयारी शुरू हुई, तभी आसपास के गाँवों से लोग जुटने लगे।

राजस्व अमले ने बताया कि भीड़ लगातार बढ़ रही थी। इस संबंध में कई बार पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ किया गया। भीड़ बढ़ने के बावजूद पुलिस ने न तो लोगों को दूर किया और न ही इलाके को नियंत्रित करने की कोशिश की।

भीड़ के उग्र होते ही हालात बिगड़े

कई लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू किया। गवाही देने वाले अधिकारियों के अनुसार, मौके पर मौजूद SDOP ने भीड़ को यह कहकर हटाने से इंकार किया कि “यह काम तहसीलदार करा रहे हैं, पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।” इस टिप्पणी के बाद भीड़ और उग्र हो गई और राजस्व कर्मचारियों को घेरकर नारेबाज़ी शुरू कर दी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोगों को अधिकारियों को धमकाते और पत्थर उठाते देखा जा सकता है। कुछ युवकों ने JCB पर पथराव भी किया।

राजस्व दल पर हमला, अधिकारी फँसे

भीड़ ने राजस्व दल की ओर दौड़ते हुए हमला करने की कोशिश की।

तहसीलदार रामानुजगंज और रामचन्द्रपुर को चारों तरफ से घेर लिया गया।

डंडों से मारने की कोशिश, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की घटनाएँ सामने आईं।

कुछ उपद्रवी महिलाओं को आगे कर अधिकारियों के पास भेजा गया ताकि पुलिस हस्तक्षेप न कर सके।


पटवारियों ने बताया कि जान बचाने के लिए वे इधर-उधर भागे। तीन पटवारी एक घर में छिपे, लेकिन भीड़ ने उस घर को भी घेरकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। हालात कुछ देर के लिए बंधक जैसी स्थिति में बदल गए।

भारी पुलिस बल, फिर भी कार्रवाई नहीं

मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद होने के बावजूद नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
राजस्व अमले का कहना है कि:

लगभग 20 उपद्रवी सक्रिय रूप से हमला कर रहे थे,

लेकिन 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी उन्हें हटाने में असफल रहे,

और घिरे तहसीलदार व कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने में तीन घंटे लग गए।


वीडियो में कई पुलिसकर्मी भीड़ के बीच खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन किसी को हटाते नहीं दिखते।

मुख्य सड़क पर घंटों बैठाए रखा गया

हमले से बचने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। भीड़ ने बाहर मुख्य सड़क पर पहुँचकर नायब तहसीलदार और दो पटवारियों को लगभग दो घंटे तक बैठाए रखा और सड़क को अवरुद्ध कर दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।

अगले दिन फिर तनाव, नायब तहसीलदार का पीछा

बुधवार सुबह, नायब तहसीलदार रामचन्द्रपुर को फिर धमकी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
उनकी गाड़ी का फोटो खींचकर रास्ते में 3–4 लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। खतरा महसूस होने पर वे मुख्य मार्ग छोड़कर दूसरे रास्ते से घर पहुँचे।

इस घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में तनाव और नाराजगी फैल गई है।

गिरफ्तारी न होने पर बढ़ी चिंता

राजस्व अधिकारियों ने कहा कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी अब तक किसी उपद्रवी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे उपद्रवियों का मनोबल और बढ़ रहा है।

राजस्व अमले की चेतावनी

राजस्व अधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर दो प्रमुख मांगें रखी हैं:

1. पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए जाएँ कि अतिक्रमण हटाने या किसी भी विवादित स्थिति में राजस्व कर्मियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।


2. वीडियो फुटेज और पहचान के आधार पर उपद्रवियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।



उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो तहसील रामचन्द्रपुर और रामानुजगंज के सभी अधिकारी-कर्मचारी 12 दिसंबर से काम बंद करके SDM कार्यालय के सामने धरना देंगे।

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