रामचंद्रपुर में अतिक्रमण हटाने के दौरान हंगामा, पुलिस–राजस्व विवाद पर कलेक्टर ने कराई सुलह
बलरामपुर: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस–राजस्व विभाग में विवाद, कलेक्टर ने बैठकर मामला शांत कराया
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर हॉस्टल के पास नौ मकानों पर से अतिक्रमण हटाने गई टीम के दौरान मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कार्रवाई के समय पुलिस और राजस्व विभाग के बीच तालमेल न बनने की बात कही गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए। हालात इतने बिगड़ गए कि राजस्व अधिकारियों को लगभग तीन घंटे तक भीड़ ने घेरकर रखा।
कोर्ट के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इन नौ मकानों को तीन से ज्यादा बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों ने मकान खाली नहीं किया था। इसके बाद न्यास तहसीलदार, रामानुजगंज तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल भी वहां मौजूद था।
कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीण अचानक भड़क गए और उन्होंने तहसीलदार और पटवारी को दौड़ाया। पुलिस ने तत्काल उन्हें सुरक्षा घेरे में लिया। इसके बावजूद राजस्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पर्याप्त सहयोग नहीं किया, जिस वजह से भीड़ ने उन्हें घंटों तक रोककर रखा।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने दोनों पक्षों को अपने सभा कक्ष में बुलाकर बात सुनी। उन्होंने आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए और मामले को शांत कराया।



