‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान,कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया 350 सफेद चंदन के पौधों के रोपण का शुभारंभ

वन महोत्सव 2026: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत चंदन वाटिका में 350 सफेद चंदन के पौधों का रोपण, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया शुभारंभ
बलरामपुर/रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वन परिक्षेत्र रामानुजगंज, वन मंडल बलरामपुर की वन वाटिका परिसर स्थित चंदन वाटिका में सोमवार को 350 सफेद चंदन के पौधों का वृक्षारोपण किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री एवं स्थानीय विधायक रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपनी माता के नाम पर चंदन का पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल शासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने परिवार के किसी सदस्य, विशेष रूप से अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित पर्यावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने वन वाटिका की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वास्तव में एक “ऑक्सीजन हब” के रूप में विकसित हो रहा है। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति शुद्ध वातावरण और हरियाली के बीच मानसिक शांति का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि वन वाटिका को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की व्यापक योजना तैयार की जा रही है, जिससे भविष्य में प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहां पहुंच सकें और इस प्राकृतिक धरोहर का आनंद ले सकें।कृषि मंत्री ने चंदन वाटिका में लगाए गए सफेद चंदन के पौधों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए वन मंडला अधिकारी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चंदन एक बहुमूल्य प्रजाति है, इसलिए पौधों के संरक्षण के लिए प्रभावी निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण के कारण ही वन वाटिका का संरक्षण एवं विकास संभव हो पाया है। समूहों द्वारा पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों से आज यह पूरा क्षेत्र प्राकृतिक रूप से अत्यंत आकर्षक एवं हराभरा दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंडला अधिकारी आलोक बाजपेयी ने बताया कि वन वाटिका के समग्र विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पाए जाने वाले मोर, हिरण सहित अन्य छोटे वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा वन वाटिका को सुरक्षित रखने के लिए चारों ओर बाउंड्री वॉल सहित अन्य सुरक्षा उपायों पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि वन महोत्सव-2026 के तहत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत चंदन वाटिका में 350 सफेद चंदन के पौधों का रोपण किया गया है। आने वाले समय में भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण और संरक्षण के कार्य जारी रहेंगे, जिससे वन क्षेत्र का विस्तार होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याओं, स्थानीय ग्रामीणों तथा बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में वन मंडल अधिकारी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान किया।



