रामानुजगंज में दर्दनाक हादसा, टैंकर से कुचलकर 7 वर्षीय बालक की मौत

पानी टैंकर की चपेट में आने से 7 वर्षीय बालक की मौत, आक्रोशित परिजनों ने 3 घंटे तक किया एनएच जाम
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 7 वर्षीय मासूम बालक की जान चली गई। नगर पालिका द्वारा पेयजल वितरण के लिए भेजे गए पानी टैंकर की चपेट में आने से बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शव को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की समझाइश तथा आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामानुजगंज नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 5 स्थित स्वीपर मोहल्ला में शनिवार दोपहर लगभग 1.30 बजे नगर पालिका का पानी टैंकर पेयजल वितरण के लिए पहुंचा था। इसी दौरान मोहल्ले में खेल रहा शुभम (7 वर्ष) अचानक टैंकर की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयावह था कि बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पहुंचे तथा परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग तत्काल किसी भी समझाइश को मानने के लिए तैयार नहीं थे।

शव लेकर पहुंचे चौराहे, ठप हो गया राष्ट्रीय राजमार्ग
बताया जा रहा है कि शाम करीब 4 बजे मृतक बालक के परिजन शव को लेकर पहले चांदनी चौक पहुंचे और वहां से रंगीला चौक की ओर गए। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर शव रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जाम का असर झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन पर भी पड़ा। कई यात्री वाहन, बसें और मालवाहक ट्रक घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। रिंग रोड से गुजरने वाले भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। भीषण गर्मी के बीच जाम में फंसे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों और स्थानीय लोगों से चर्चा करते रहे। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन ने दिया रोजगार का आश्वासन
मामले को लेकर रामानुजगंज के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आनंदराम नेताम ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और शासन-प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा परिवार के एक सदस्य को नियमित नौकरी देने की मांग की गई है।
एसडीएम ने कहा कि नियमित नियुक्ति का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा, जिसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा रहा है। वहीं तत्काल राहत के रूप में नगर पालिका में परिवार के एक सदस्य को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद परिजन और स्थानीय लोग शांत हुए तथा चक्काजाम समाप्त किया गया।

रविवार को होगा पोस्टमार्टम
जाम समाप्त होने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। शाम अधिक हो जाने के कारण शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
इधर रामानुजगंज पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों, टैंकर चालक की भूमिका और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। वहीं मासूम की असमय मौत से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका क्षेत्र में पानी वितरण के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



