फर्जी लोन के फेर में अटकी धान भुगतान की राशि, 50 से अधिक किसानों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव

फर्जी लोन के फेर में अटकी धान भुगतान की राशि, 50 से अधिक किसानों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव
बलरामपुर। जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के 50 से अधिक किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर समर्थन मूल्य पर बेची गई धान की बकाया राशि दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि उनके नाम पर सहकारी बैंक से फर्जी तरीके से लोन निकाल लिया गया, जिसके कारण उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं और उन्हें धान बिक्री का भुगतान अब तक नहीं मिल पाया है।

किसानों का कहना है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उन्होंने भी अन्य किसानों की तरह समर्थन मूल्य पर धान बेची थी, लेकिन भुगतान आज तक उनके खातों में नहीं पहुंचा। जब वे लगातार सहकारी समिति और बैंक के चक्कर लगाते रहे, तब उन्हें पता चला कि उनके नाम से बिना जानकारी और सहमति के ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने कभी कोई लोन नहीं लिया, फिर भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

किसानों ने बताया कि मामले की प्रशासनिक जांच के चलते उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं, जिससे धान भुगतान की राशि भी अटक गई है। किसानों ने यह भी दावा किया कि एक ऐसा व्यक्ति भी इस फर्जीवाड़े का शिकार है, जो संबंधित अवधि में जेल में निरुद्ध था, बावजूद इसके उसके नाम पर भी लोन निकाल लिया गया।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से फर्जी लोन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और शीघ्र धान भुगतान कराने की मांग की।

वहीं, किसानों से ज्ञापन लेने पहुंचे अतिरिक्त तहसीलदार जितेंद्र डहरिया ने बताया कि किसानों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन को नियमानुसार राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के समक्ष भी अपनी बात रखेगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



