“100 बिस्तर का अस्पताल, सुविधाएं नदारद: डायलिसिस-ब्लड बैंक के इंतजार में रामानुजगंज”
डायलिसिस यूनिट और ब्लड बैंक की घोषणा दो साल बाद भी अधूरी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था

- रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रामानुजगंज। नगर के 100 बिस्तर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर राष्ट्रीय सचिव एनएसयूआई एवं नगर पालिका परिषद रामानुजगंज के नेता प्रतिपक्ष प्रतीक सिंह ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अस्पताल में व्याप्त समस्याओं और मरीजों को हो रही परेशानियों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
प्रतीक सिंह ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व रामानुजगंज में डायलिसिस यूनिट और ब्लड बैंक शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक दोनों सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इसके कारण किडनी रोगियों और आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
उन्होंने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित आवश्यक डॉक्टरों की कमी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि प्रसूति और सोनोग्राफी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव एवं आवश्यक जांच के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में अस्पताल में ब्लड टेस्ट और एक्स-रे जैसी बुनियादी जांच सुविधाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। आरोप है कि पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सड़क दुर्घटनाओं में मरीजों को रेफर करने का आरोप
प्रतीक सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि समय पर समुचित उपचार नहीं मिलने के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया।
ज्ञापन के माध्यम से पूर्व घोषित डायलिसिस यूनिट और ब्लड बैंक को तत्काल शुरू करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने, प्रसूति एवं सोनोग्राफी की समुचित व्यवस्था करने तथा ब्लड टेस्ट और एक्स-रे सहित सभी आवश्यक जांच सेवाओं को पूरी तरह सुचारु करने की मांग की गई।
प्रतीक सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आम जनता के हित में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष निशांत चौबे, जिला महासचिव आकाश यादव, नगर अध्यक्ष क्षितिज गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष अभिषेक केशरी और आकाश तिवारी उपस्थित रहे।



