कोरियागरियाबंदछत्तीसगढ़जांजगीर चांपाझारखण्डतातापानीदिल्लीपुलिसप्रतापपुरबलरामपुरबलौदा बाजारबस्तरबिलासपुरभरतपुर सोनहतभाजपाभारतमनेन्द्रगढ़महेंद्रगढ़मुंबईराजनीतिराजपुरराज्यसभारामचंद्रपुररामानुजगंजरायगढ़रायपुररायपुरवीजापुरसरगुजासामरीसूरजपुर

निजी मोबाइल में VSK ऐप अनिवार्य करने पर शिक्षक संघ का विरोध, ई-अटेंडेंस को बताया निजता पर हमला

शासकीय स्कूलों में ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षक संघ का विरोध, VSK ऐप पर उठे निजता और साइबर सुरक्षा के सवाल


बलरामपुर शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय स्कूलों में ई-अटेंडेंस के नाम पर शिक्षकों के निजी मोबाइल में VSK ऐप डाउनलोड कराने को लेकर शालेय शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ का कहना है कि यह न केवल शिक्षकों की निजता का हनन है, बल्कि इससे साइबर अपराध, डाटा लीक, डीप फेक और AI के दुरुपयोग जैसी गंभीर आशंकाएं भी जुड़ी हुई हैं।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि विभाग लगातार नए-नए प्रयोग शिक्षकों पर दबाव डालकर लागू कर रहा है। इन योजनाओं की असफलता की जिम्मेदारी कभी योजना बनाने वाले अधिकारियों पर तय नहीं होती, बल्कि हर बार शिक्षकों को ही दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के निजी मोबाइल में किसी भी ऐप को डाउनलोड करने के लिए डाटा, कैमरा और अन्य संवेदनशील अनुमतियां देनी होती हैं, जिससे व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बना रहता है।


वीरेंद्र दुबे ने बलरामपुर जिले में हाल ही में सामने आए शिक्षक डाटा लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना में कई शिक्षकों को साइबर ठगों द्वारा डराया-धमकाया गया और उनसे ठगी की गई। इस मामले में कुछ शिक्षकों ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। संघ ने मांग की है कि मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री इस पूरे मामले को गंभीरता से लें और ई-अटेंडेंस के नाम पर चल रहे इस पायलट प्रोजेक्ट को तत्काल निरस्त करें।


संघ के महासचिव धर्मेश शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या शिक्षा विभाग को अपने ही मातहत अधिकारियों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि CAC, संकुल प्राचार्य, संस्था प्रमुख, BRCC, ABEO और BEO जैसे पदों पर बैठे अधिकारियों की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर ऐप के माध्यम से निगरानी करना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश के वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी कई जगह मोबाइल नेटवर्क नहीं है। शहरी इलाकों में भी नेटवर्क और सर्वर डाउन की समस्या आम है। ऐसे में मोबाइल नेटवर्क आधारित उपस्थिति प्रणाली व्यावहारिक और उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निचले स्तर के अधिकारी शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं और अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
संघ ने स्पष्ट किया कि मोबाइल शिक्षक की निजी संपत्ति है, जिसमें परिवार की निजी तस्वीरें, बैंकिंग जानकारी और अन्य संवेदनशील डाटा होता है। ऐसे में जबरन ऐप डाउनलोड कराना संविधान द्वारा प्रदत्त निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
शालेय शिक्षक संघ के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और निजता को ध्यान में रखते हुए VSK ऐप आधारित ई-अटेंडेंस पायलट प्रोजेक्ट पर अविलंब रोक लगाई जाए और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक व ऑनलाइन कार्यों से मुक्त कर उन्हें शिक्षण कार्य पर केंद्रित होने दिया जाए। वही

शालेय शिक्षक संघ के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी

उपेन्द्र कुमार सिंह जिलाध्यक्ष छ्ग शालेय शिक्षक संघ बलरामपुर के नेतृत्व में कमलेश मेहता, नान्हू सिंह मरावी,प्रदीप चौबे ,अशोक कुमार जायसवाल, कमलेश गुप्ता,मुन्ना कश्यप,शशांक दुबे, हरिकेश भारती,राजवैभव सिंह,श्रीकांत जायसवाल, विराट राज तिवारी,नूरेन अहमद,कुंदन दुबे,गीता सिंह, शीला सुमन,सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप आदि पदाधिकारियो ने सरकार से उपरोक्त मांगो पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button