प्रेम संबंध बना खूनी साजिश की वजह! पति-पत्नी ने मिलकर वसीम को उतारा मौत के घाट, दोनों गिरफ्तार
अवैध संबंध बना हत्या की वजह! पति-पत्नी ने मिलकर वसीम को उतारा मौत के घाट

बलरामपुर में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा: पति-पत्नी ने मिलकर की वसीम अंसारी की हत्या, सिर और धड़ अलग-अलग जगह फेंके
2 अक्टूबर की शाम घर से निकला था वसीम, अगले दिन लावारिस मिली स्कूटी; जंगल में मिला कटा हुआ सिर, पुलिस ने चंद घंटों में आरोपियों को दबोचा
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत डौरा चौकी में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। ग्राम कदौरा निवासी वसीम अंसारी की हत्या के मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोप है कि महिला के मृतक के साथ पूर्व से संबंध थे और इसी मामले को लेकर पति-पत्नी ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वसीम को मिलने के लिए बुलाया और फिर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान छिपाने और अपराध के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शाम को स्कूटी लेकर घर से निकला था वसीम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कदौरा निवासी अमीम अंसारी ने 3 अक्टूबर को डौरा चौकी पहुंचकर अपने भाई वसीम अंसारी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 2 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे वसीम अंसारी अपनी एक्टिवा स्कूटी लेकर गांव की ओर जाने की बात कहकर घर से निकला था।
वसीम के देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई। इसके बाद परिजनों ने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
अगली सुबह करीब 8 बजे वसीम की एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG15CQ3388 मक्का बाड़ी के पास लावारिस हालत में मिली। स्कूटी तो मिल गई, लेकिन वसीम का कोई पता नहीं था। इसके बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

गुमशुदगी की रिपोर्ट से शुरू हुई हत्या की जांच
परिजन की रिपोर्ट पर डौरा चौकी पुलिस ने अपराध क्रमांक 47/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। पुलिस ने वसीम की तलाश के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और घटना से जुड़े संभावित संदिग्धों की जानकारी जुटानी शुरू की।
इसी दौरान ग्रामीणों से पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम भीतर चिल्मा उबका जंगल में नाला के पास एक गड्ढे में किसी व्यक्ति का कटा हुआ सिर पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही डौरा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
मौके पर मिले सिर की पहचान कराने के लिए पुलिस ने वसीम के भाई को बुलाया। पहचान और तस्दीक के बाद परिजन ने कटा हुआ सिर वसीम अंसारी का होने की पुष्टि की। इसके बाद मामला गुमशुदगी से हत्या में बदल गया और पुलिस ने जांच तेज कर दी।
संदिग्धों से पूछताछ में खुला हत्या का राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान पुलिस को ग्राम कोटडीह निवासी सोनू खैरवार और उसकी पत्नी मनबासो पर संदेह हुआ।
पुलिस के अनुसार, दोनों से कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि मनबासो और मृतक वसीम अंसारी के बीच पूर्व से अवैध संबंध थे। इसी संबंध को लेकर हत्या की योजना बनाए जाने की बात पूछताछ में सामने आई।
मोबाइल से फोन कर वसीम को बुलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 2 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मनबासो ने मोबाइल फोन से वसीम अंसारी को मिलने के लिए बुलाया था। पुलिस का दावा है कि वसीम के मौके पर पहुंचने के बाद मनबासो और उसके पति सोनू ने कथित तौर पर पूर्व योजना के तहत उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
हमले में वसीम की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध को छिपाने के लिए शव के सिर और धड़ को अलग कर दिया तथा दोनों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया।
पुलिस को बाद में जंगल में गड्ढे के भीतर वसीम का कटा हुआ सिर मिला। वहीं, मृतक के धड़ समेत अन्य हिस्सों की तलाश और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है।
चंद घंटों में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। वसीम के लापता होने की सूचना और उसकी स्कूटी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जंगल में कटा हुआ सिर मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ तेज की और कुछ ही समय में हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू खैरवार पिता मदिरा खैरवार, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम कोटडीह और मनबासो पति सोनू खैरवार, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम कोटडीह के रूप में हुई है।
दोनों आरोपी डौरा चौकी, थाना पस्ता क्षेत्र के निवासी हैं।
फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच
पुलिस द्वारा मामले में केवल आरोपियों के कथित कबूलनामे पर निर्भर न रहते हुए घटनास्थल और अन्य स्थानों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फॉरेंसिक और तकनीकी टीम की मदद से घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार, मोबाइल फोन, घटनास्थल और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सभी तथ्यों को केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

न्यायिक रिमांड पर भेजे जाएंगे आरोपी
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की परिस्थितियों, घटना में इस्तेमाल हथियार, शव को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले तथ्यों को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी
- सोनू खैरवार, पिता मदिरा खैरवार, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम कोटडीह, चौकी डौरा, थाना पस्ता, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज।
- मनबासो, पति सोनू खैरवार, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम कोटडीह, चौकी डौरा, थाना पस्ता, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज।
पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 47/2026 में धारा 140(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना जारी है।



